कोरबा । प्रगतिनगर दीपका स्थित देवसरोवर छठ तालाब परिसर में गुरुवार को भगवान श्रीराम लला प्राण प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ मनाई गई। इस कार्यक्रम में सुबह से देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो गया।
इस भव्य आयोजन में 201 सनातनियों ने सामूहिक शंखनाद किया और 3100 दीप प्रज्ज्वलित किए गए। हनुमान चालीसा और हनुमत प्रार्थना का सामूहिक पाठ भी हुआ। उज्जैन महाकाल की तर्ज पर डमरू वादन और भव्य आतिशबाजी ने वातावरण को और भी आध्यात्मिक बना दिया।
शाम 6:30 बजे हुई महाआरती के दौरान हजारों श्रद्धालु दीपों की अलौकिक छटा देखने के लिए मौजूद रहे। कार्यक्रम में दीपका के महाप्रबंधक संजय मिश्रा और कारसेवक मिलन राम साहू सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इस अवसर पर सनातन धर्म ध्वजा रक्षक सेवक धर्म सेनानी ठाकुर राम सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में ओजस्वी उद्बोधन दिया।

सनातन धर्म शाश्वत जीवन पद्धति- ठाकुर राम सिंह
ठाकुर राम सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि सनातन कोई धर्म नहीं बल्कि एक शाश्वत जीवन पद्धति है, जो सत्य, कर्तव्य, त्याग और मर्यादा का पाठ पढ़ाती है। उन्होंने सनातन धर्म के सदियों के संघर्ष और चुनौतियों का सामना करने के लिए समाज के एकजुट होने की बात कही।
युवा पीढ़ी और संस्कृति की सुरक्षा
उन्होंने युवा पीढ़ी को धर्म की सच्ची धरोहर बताते हुए कहा कि यदि युवा अपनी जड़ों से कट गए तो संस्कृति कमजोर हो जाएगी। उन्होंने हनुमान जी के अपनी शक्ति भूलने के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि आज उसी तरह ‘सोए हुए हिंदुओं’ को जगाने की आवश्यकता है, ताकि वे अपनी पहचान और शक्ति को समझ सकें।

दिया गया धर्म रक्षा का संदेश
धर्म सेनानी ठाकुर राम सिंह ने धर्म रक्षा का संदेश देते हुए कहा कि धर्म की रक्षा संगठन, संयम, त्याग और सद्विचार से संभव है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक समाज सजग नहीं होगा, आने वाली पीढ़ियों की सुरक्षा भी खतरे में रहेगी।
दीपका महाप्रबंधक संजय मिश्रा ने भी इस आयोजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि रामलला प्राण प्रतिष्ठा का यह कार्यक्रम प्रशंसनीय है और टीम चरक धर्म संवाहक समिति इसके लिए बधाई की पात्र है।

